Rock Sankeertan, First of it’s kind in the Universe A mix of SHE ~ Noida, India
Rock Sankeertan
14th May 2017
First of it’s kind in the Universe
A mix of Sanskrit, Hindi & English Bhajan
In the support of Child Labour Law
& BJP’s Thumping Victory in U.P.

Tithi : Chaturthi / Date : 14th May 17 /
Ravivar : Sunday / 2074 Vikram Samvat /
Hindu Purnimanta Month: Vaishakha /
Hindu Amanta Month : Chaitra /
Shukla Paksha
https://www.facebook.com/AncientHinduism

तिथि : पूर्णिमा / दिनांक : ११ मार्च २०१७ / मंगलवार / २०७४ विक्रम संवत / हिन्दू पुर्निमांत माह : चैत्र / हिन्दू अमानता माह : ज्येष्ठ / कृष्ण पक्ष

First of it’s kind in the Universe
A mix of Sanskrit, Hindi & English Bhajan
In the support of Child Labour Law
& BJP’s Thumping Victory in U.P.

Venue:
Trikuta Hills,
Opp. Totmall,
Near Fortis Hospital,
Sector-62, Noida
U.P. India

I'm singing Sanskrit, Hindi English Bhajan to attract new Gen towards our Ancient Hinduism... So I wanna say in their own language in which they could be find identical to them...

Jai Shree Raadhey Raadhy
With Best Wishes & Love as always
Pravesh K. YADAV


हिंदू धर्म के बारे में एक संक्षिप्त विवरण, मेरे अनुसार

जब हम हिंदू धर्म (लौकिक धर्म) के बारे में बात करते हैं , दुनिया में अन्य धर्मों के विपरीत, हिंदू धर्म केवल किसी एक नबी का दावा नहीं करता है, यह केवल एक देवता की पूजा नहीं करता, यह केवल एक हठधर्मिता के लिए पात्र भी नहीं है, यह विश्वास नहीं करता केवल एक दार्शनिक अवधारणा में, यह धार्मिक संस्कार या प्रदर्शन के केवल एक अनुकरण का पालन नहीं करता, वास्तव में, यह किसी भी धर्म या पंथ की संकीर्ण परंपरागत सुविधाओं को संतुष्ट नहीं करता, यह मोटे तौर पर जीवन यापन के तरीकों के रूप में वर्णित किया जा सकता है I

हिंदू धर्म (लौकिक धर्म) लगातार समय (युगों) के अनुसार ही अपने को विकसित करता चला आया है यही एक बहुत बड़ा रहस्य हे कि यह अस्तित्व मैं आने के बाद से दुनिया के सबसे प्राचीनतम धर्म के रूप में आज भी अपना अस्तित्व बनाये हुए हे I

आज पश्चिमी देशों और यूरोप के लोगों मैं यह आम धरना हे की भगवान् और देवी देवता भारत में रहते हैं तो उन्ही की खोज में वो यहाँ आते हैं और हिंदी एवं संस्कृत और हमारी संस्कृति को हमसे कहीं ज्यादा अच्छे से आत्मसात करते हैं केवल आम अंग्रेज ही नहीं बल्कि दुनिया भर की प्रसिद्ध हस्तियाँ भगवान के लिए भारत आते हैं I

आदिकाल से ही हिंदू धर्म में यथा शक्ति व्रत एवं तप का प्रचलन रहा है कालन्तर से मनुष्य का शरीर कमजोर होता चला गया है, सतयुग में हम हजारों साल तक तप कर लेते थे, द्वापर युग में हम सैंकड़ो में आ गए, त्रेता में हम सप्ताह पर आ गए। और कलियुग में दिनों पर आ गए,

कृपया आप यथाशक्ति व्रत रखें हैं लेकिन रखें जरूर, क्योंकि इससे हमारे अंदर सात्विकता बढ़ती है, चाहे हम दिन भर कभी फल मेवें एवं आलू भुज्जी लेते रहे, कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि यही हिंदुत्व का सौन्दर्यं है, हिंदू धर्म (लौकिक धर्म) लगातार समय (युगों) के अनुसार ही अपने को विकसित करता चला आया है यही एक बहुत बड़ा रहस्य हे कि यह अस्तित्व मैं आने के बाद से दुनिया के सबसे प्राचीनतम धर्म के रूप में आज भी अपना अस्तित्व बनाये हुए हे I

एक बार फिर, यह भक्ति-साधना जो की भगवान् के लियें हम करते हैं वो किसी भाषा में हो सकती हे और वो मनुष्य के लियें कोई भी भाषा क्यों न हो वो उसकी मुक्ति का द्वार बंद नहीं कर सकती.

यह हिन्दू धर्म की विशेषता है की जब जब यह संकट मैं आता है और यह लगने लगता है की अब यह समाप्ति की और है यह और अधिक बलशाली और ताकतवर हो जाता है यह जन्म जन्मान्तर से चला आ रहा है, चल रहा है, और चलता रहेगा I

जो बीत गया वो इतिहास हे; आने वाला कल रहश्य्मय हे, इसीलियें बंधुवर आप अपने हर पल को जियो, क्योंकि आपके यही पल आपकी सफलता और असफलता का रास्ता तय करेंगे..

सूक्ति मेरे प्रवेश कुमार यादव द्वारा "प्रेरणा श्रीमदभगवद गीता"

हमेशा की तरह ढेर सारी शुभकामनाओं और प्यार के साथ
प्रवेश कुमार यादव

A Brief Description about Hinduism according to me

When we think of the Hindu religion (Cosmic Religion), unlike other religions in the world, the Hindu religion does not claim any one prophet; it does not worship only one god; it does not subscribe to only one dogma; it does not believe in only one philosophic concept; it does not follow only one set of religious rites or performances; in fact, it does not appear to satisfy the narrow traditionalfeatures of any religion or creed. It may broadly be described as a way of life and nothing more.

Hindu religion (Cosmic Religion) is consistently evolving itself according to the time (Yugon) that's what a secret of a long survival of this world's most ancient religion (Religion which exist since infinite times).

In today's scenario lot of Westerners & Europeans (including world fame celebrities) came to India for the God... because it's general perception that God & Goddess lives here in India... They came here in search of God & Spiritualism... They and assimilate to Hindi and Sanskrit as well as adopt our culture much better than us... not only common westerners but also celebrities from around the world come to India for the God...

Since Ancient Times we are performing fasting and penance as per our ability & power, since then we are going weaker & weaker, In Satyug we penanace thousand of years, we reduce to hundred years in Dwapar Yug, we tremendously reduce to weeks in Treta Yug then We reduce to Days in this Kaliyug.

I'm requesting you to have fast according to your ability & power because it proivde us kind of Peace, Devotion & the way to Live.. eventhough it's doesn't matter if we took Fruits, Dry Fruits & Potato Bhaji etc., because it's a beauty of Hinduism... Hindu religion (Cosmic Religion) is consistently evolving itself according to the time (Yugon) that's what a secret of a long survival of this world's most ancient religion (Religion which exist since infinite times).

Again it's devotion towards the God not a language... no language can be become a barrier into the way salvation which came only through the Bhakti "Devotion" as well as prescribed Karma (Duty)...

It's a quality of Hindu Religion that whenever & wherever it came into trouble & it seems that it's going to end then it's became more More entrenched and powerful. It's happening since Ancient of Ancient Times... still continuing... & will be continuing.... Forever...

Yesterday was a history; tomorrow will be mystery, so live up with moments because these moments will decide our way towards the destination of Success or Failure"

Quoted by myself Pravesh K. YADAV "Inspired by Shrimad Bhagvad Geeta"

With Best Wishes & Love as always
Pravesh K. YADAV

भारतीय अर्थव्यवस्था की भविष्यवाणी मेरे अनुसार

भारतीय रुपया भारत की आत्मा की तरह है, यह आत्मा की एक अवतार की तरह है. क्योंकि यह एक हाथ से दुसरे हाथ में जाता हे इस तरंह यह अमर हे, क्योंकि आम आदमी के पास रुपया ज्यादा समय तक नहीं रुक सकता, यह भारत में इतनी तेज़ी से अवतरित (लोगों के हाथ से निकलता हे) होता हे, की भारत का बाज़ार सदा चलायेमान रहता हे

हमने २००८ में जब पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी का दौर था और विश्व की बड़ी बड़ी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, यूरोपियन देशों की अर्थ्व्यवाव्स्थाएं चरमरा रहीं थीं, तब हमने आर्थिक फ्रंट पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जानते हैं क्यों ?

इसका उत्तर हे, की भारत की समृद्ध संस्कृति जो आदि काल से ही बहुत विस्तृत हे। हमारे वेद, पुराण, रामायण महाभारत आदि इस विस्तृत सभ्यता के साक्षी हैं कालांतर से आज के आधुनिक इतिहास तक यह अपने साथ और सभ्यताओ को समाहीत करती चली आई हे इसीलियें आज भारत में विविधता में भी एकता दीखाई देती हे

हमारे भारत में प्रतिदिन एक त्यौहार हे जैसे दीवाली, होली, गणेश चतुर्थी, ईद, क्रिसमस, लोहरी, पोंगल, ममाल्लापुरम, पत्तादाक्कल नृत्य, दुर्गा पूजा, माघ बिहू (असम /बंगाल ) अग्नि उत्सव (उड़ीसा), हम्पी फेस्टिवल (कर्नाटक ), छठ पूजा, थाई पूसम, थिरुनाक्कारा आरत्तु , उठ्रालिकवु पूरम, श्री कृष्णा जन्माष्टमी, केरल विलेज फेस्टिवल बीकानेर कैमल फेस्टिवल, अनगिनत सेलिब्रेशन न्यू इयर, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, वेलेंटिने डे, फ्रेंडशिप डे, शादी विवाह समारोह, बहुत लम्बी सूचि हे सुबह से शाम तक भी नहीं लिख पाऊंगा। इस प्रकार की गतिविधियाँ लोगों को रोज़गार उपलब्ध कराती हैं और जो बेकार लोग भी इन छोटे मोटे धंधे करके अपनी गुजर बसर कर लेते हैं और वे समय और त्यौहार के अनुसार क्रय - विक्रय करते हैं। साथ साथ मॉल आदि की बिक्री में भी बढोत्तरी करतीं हैं

यह मेरी भविष्यवाणी हे की भारतीये अर्थव्यवस्था दलाल स्ट्रीट के बेस पर फ्लॉप हो सकती हे लेकिन प्रॉफिट बेसिस पर नहीं क्योंकि हमारे पास बहुत बड़ी खरीदने क्षमता हे। और यह सारा खेल रूपये के सर्कुलसन का हे क्योंकि भारत में रुपया ज्यादा देर नहीं टिकता हे और भारत रुपया केवल कुछ लोगों के हाथ में नहीं हे। यहाँ भारत में हर कोई कमा रहा हे यह एक बातचीत का विषय हो सकता हे की वो कितना कमा रहा या कमा रही हे लेकिन इतना जरूर हे की उसके पास आवश्यकतानुसार खरीदने की जबरदस्त पॉवर हे।

यही एक बहुत बड़ा कारण हे हर बड़ी विदेशी कंपनी भारत (विश्व की सबसे बड़ी मार्किट ) में इन्वेस्टमेंट करने को लालायित हे।

हमेशा की तरह ढेर सारी शुभकामनाओं और प्यार के साथ
प्रवेश कुमार यादव

Indian Economy's Prediction according to me

Indian Rupee is like a Soul of India, it’s like a Incarnation of soul when it’s went one hand to another hand. Soul is immortal thus Indian Rupee, so due to the need of common man it’s not stay so long in one hand (Body) the frequency of Reincarnation of Indian Rupee keep up the market thus India’s Development.

We’ve did well-done even in 2008 Recession, when World’s mostly economies were glooming, Indian Economy was rocking . Can you answer me about this one?

India has a vast cultural background since Ancient Times, after the time by time it’s went to rich & rich, it’s adopted every culture’s heritage so today’s India has Unity in Diversity. In India we have festival almost everyday Ganesh Chaturthi, Id, Deewali, Holi, Christmas, Lohari, Pongal, Mamallapuram Festival, Pattadakkal Dance Festival, Durga Puja, Magh Bihu (Assam / Bengal), Agni Utsav (Orissa), Hampi Festival Karnataka), Chhath Puja, Thai Poosam, Thirunakkara Arattu, Uthralikavu Pooram, Shree Krishna Janamashtami, uncountable celebration like New Year, Republic Day, Independence Day, Valentine Day, Friendship Day , Weddings Season, Kerala Village Fair, Bikaner Camel Festival etc. I can’t write here anymore. These kind of activities provide employments to the needy people who take this opportunity to sale the relevant stuff according to occasion as well as boost the MNC & Big Domestic Brands.

It's my prediction that Indian Economy can meltdown on Dalal Street basis but can’t down on profit basis because we have a purchasing power & it’s all about a game of money circulation. Indian money circulate very frequently & never stay at few people hands. In India everyone is earning, it may be a concern for particular person, how much he/she earning but definitely have a capacity to purchase & feed to his/her family accordingly.

That’s what the reason every MNC is Vying to stake in )ndia’s World’s one of the biggest market) Market.

With Best Wishes & Lot of Love as always
Pravesh K. YADAV

Noida Sector 62
Sector-62, Noida, UP Noida 201301, India